चंडीगढ़ पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल

ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਪੁਲਸ धोखाधड़ी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की

चंडीगढ़ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली जब थाना सारंगपुर की पुलिस टीम ने धोखाधड़ी के मामले को बिना किसी देरी के सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) चंडीगढ़, श्रीमती कंवरदीप कौर, आईपीएस, और पुलिस अधीक्षक (सिटी) श्रीमती गीता अंजलि खंडेलवाल, आईपीएस के निर्देशन में एवं श्री उदय पाल, एसडीपीओ (सेंट्रल) और इंस्पेक्टर हरमिंदरजीत सिंह, एसएचओ थाना सारंगपुर, चंडीगढ़ की निगरानी में की गई।

गिरफ्तार किए गए आरोपी:

1. बलबीर सिंह उर्फ केपी (पुत्र जोगिंदर सिंह), निवासी हॉलीवुड कॉलोनी, कुराली, जिला मोहाली, पंजाब, उम्र 57 वर्ष।


2. सतेन्दरप्रीत सिंह (पुत्र पिशौरा सिंह), निवासी गांव रत्तियां, थाना सदर मोगा, जिला मोगा, पंजाब, उम्र 40 वर्ष।


3. गुरमीत सिंह (पुत्र गुरदेव सिंह), निवासी सीआरपीएफ कॉलोनी, फेज-1, दुगरी बसंत एवेन्यू, लुधियाना, पंजाब, उम्र 46 वर्ष।



घटना का विवरण:
श्री दिलबाग सिंह (पुत्र श्री दलिप सिंह, निवासी गांव खुदा जस्सू, चंडीगढ़, उम्र 60 वर्ष) ने थाना सारंगपुर में शिकायत दर्ज करवाई कि वह एक एंबुलेंस चालक हैं। 10 फरवरी 2025 को रात करीब 10:30 बजे उनके मित्र बलबीर सिंह उर्फ केपी अपने दो अन्य साथियों के साथ उनके घर आए। बलबीर सिंह ने बताया कि उसके मित्र काले जादू के जरिए पैसे दोगुने करने की विद्या जानते हैं। उन्होंने 10 रुपये के 20 और 500 रुपये के 1000 बनाकर दिखाए। लालच में आकर दिलबाग सिंह ने उन्हें ₹3,50,000 दे दिए। आरोपियों ने यह रकम एक पॉलीथिन बैग में रखकर पूजा कक्ष में रखने को कहा।

12 फरवरी 2025 को आरोपी फिर से उनके घर आए और कहा कि आज का दिन शुभ नहीं है, वे अगले दिन आएंगे। 13 फरवरी 2025 को वे फिर आए और पूजा सामग्री लाने को कहा, जिसमें 5 किलो फूल, 6 किलो देसी घी, 1 किलो बादाम-काजू, 6 मीटर सफेद कपड़ा और रजिस्टर शामिल था। इसके साथ ही उन्होंने घर में रखे सारे पैसे लाने को भी कहा। शिकायतकर्ता ने ₹6,00,000 और दिए, जिसे आरोपियों ने एक लोहे के बॉक्स में रख दिया और कहा कि इसे आधे घंटे बाद खोलें। इसके बाद आरोपी ब्रेज़ा कार (नंबर PB-10-GJ-9992) में भाग निकले। जब शिकायतकर्ता ने बॉक्स खोला तो उसमें सिर्फ रजिस्टर थे और पैसे गायब थे।

पुलिस कार्रवाई:
जांच के दौरान तीनों आरोपियों को 16 फरवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया, ताकि ठगे गए पैसे बरामद किए जा सकें। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ठगे गए पैसे कुराली, लुधियाना और मोगा स्थित अपने ठिकानों पर छिपा रखे हैं।

आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड:

बलबीर सिंह उर्फ केपी के खिलाफ पहले से 5 धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं, जिनमें फिरोजपुर, पटियाला, लुधियाना, बरनाला और गुरदासपुर में केस शामिल हैं।

सतेन्दरप्रीत सिंह के खिलाफ 3 धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं, जिनमें फरीदकोट और लुधियाना में मामले दर्ज हैं।

गुरमीत सिंह के खिलाफ 4 धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं, जिनमें मंसा, भटिंडा और लुधियाना में केस दर्ज हैं।


पुलिस ने आरोपियों से कुछ ठगे गए पैसे बरामद कर लिए हैं, जबकि बाकी रकम की तलाश जारी है। मामले की जांच अभी भी जारी है।

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