ईसीई-पीईसी और माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बीच एमओयू हुआ साइन, उद्योग-अकादमिक संबंधों को मिली नई मजबूती



चंडीगढ
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग ने हाल ही में एक विशेष इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया, जिसमें सत्र 1981 के पूर्व छात्र और माइक्रोन टेक्नोलॉजी, यूएसए के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, इंजीनियर गुरशरण सिंह और उनकी टीम ने भाग लिया। यह आयोजन पीईसी और सेमीकंडक्टर उद्योग के बीच बढ़ते सहयोग का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। यह सत्र 7 फरवरी 2025 को आयोजित किया गया, और 8 फरवरी 2025 को ग्लोबल एलुमनी मीट 2025 के दौरान पीईसी और माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह अग्रणी पहल पीईसी के छात्रों के लिए सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।

इस अवसर पर पीईसी के निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया, पिकोसा के अध्यक्ष इंजीनियर मनीष गुप्ता, प्रो. अरुण कुमार सिंह और डॉ. सिमरनजीत सिंह उपस्थित रहे। प्रो. अरुण कुमार सिंह ने इंजीनियर गुरशरण सिंह का हार्दिक स्वागत किया और उनके उत्कृष्ट योगदान व पीईसी की शैक्षणिक गतिविधियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।

पीईसी के निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया ने इंजीनियर गुरशरण सिंह और माइक्रोन टेक्नोलॉजी के समर्थन के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और आवश्यक कौशल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस समझौते के तहत छात्रों को छात्रवृत्ति में, विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और बेहतर प्लेसमेंट के अवसर मिलेंगे।

इंटरैक्टिव सत्र के दौरान, इंजीनियर गुरशरण सिंह ने सेमीकंडक्टर उद्योग, उसकी प्रमुख प्रक्रियाओं और माइक्रोन टेक्नोलॉजी में हो रहे नवीनतम इनोवेशन पर गहरी जानकारी साझा की। उन्होंने छात्रों को उद्योग में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया और उनके प्रयासों को सराहते हुए उन्हें सम्मान चिन्ह प्रदान किए।

इस सहयोग के तहत, 80 छात्रों को ईसीई विभाग और माइक्रोन टेक्नोलॉजी के संयुक्त पाठ्यक्रम के लिए चयनित किया गया है, जिसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी में व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करना है। यह पहल पीईसी की उद्योग और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।

इसके साथ ही, श्री शहबाज सय्यद ने छात्रों को माइक्रोन टेक्नोलॉजी के विशेष कार्यक्रमों में एनरोलमेंट प्रोसेस के बारे में जानकारी दी, जबकि अन्य टीम सदस्यों ने उद्योग के नवीनतम रुझानों और करियर के अवसरों पर महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान की। कार्यक्रम का समापन एक प्रेरणादायक और संवादात्मक माहौल में हुआ, जिससे छात्रों को सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी की विशाल संभावनाओं को खोजने की ऊर्जा और उत्साह मिला।

पीईसी-माइक्रोन साझेदारी, संस्थान को उद्योग केंद्रित शिक्षा की ओर ले जाने और छात्रों को तेजी से बदलती तकनीक की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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